Poetry
महादेव तू अंतर्यामी
2026-09-15 00:00:00
महादेव को समर्पित मेरी एक छोटी-सी भक्तिमय रचना। यह कविता महादेव के प्रति श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की भावना को व्यक्त करती है
महादेव, तू अंतर्यामी,
महादेव, तू सर्वस्व स्वामी।
तेरे ही हम हैं संतान,
तुझसे ही हमारा अभिमान।
हम तो प्रभु भक्त हैं तुम्हारे,
तुझ पर ही हम अपनी भक्ति वारे।
तुम बिन मुमकिन नहीं कुछ दूजा,
हम सब करें सभी प्रहर तेरी पूजा।
बिना माँगे तू सबको जीवन देता,
और ज्यादा हम क्या माँगें, विधाता?
तू ही तो सबके दुख को जाने,
तू ही उन दुखों से सदा निवारे।
तू काल है, महाकाल है,
तू ही मृत्यु, तू ही जन्म का सार है।
हम पर रखना सदा अपना आशीर्वाद,
हम तो तेरे ही हैं संतान।
बस एक इच्छा इस दिल में थामे,
मृत्यु तक जपें तुम्हारे नाम।
हर हर महादेव। 🙏