Shayari
कहाँ मुकम्मल होता है सब कुछ पाना — समय कभी वापस नहीं आता
2026-10-04 00:00:00
शिवांश सिंह की भावपूर्ण हिंदी रचना, जो अपनों से दूर होने, अधूरी उम्मीदों और गुज़रे हुए समय के कभी वापस न आने की सच्चाई को बयां करती है। यह वीडियो उसी एहसास और भावनाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत करता है।
कहाँ मुकम्मल होता है सब कुछ पाना,
न चाहते हुए भी पड़ता है अपनों से दूर जाना।
जज़्बात ये उम्मीद लगाए होते हैं कि एक दिन सब सही हो जाएगा,
लेकिन कहाँ पता होता है कि गुज़रा हुआ समय कभी वापस नहीं आएगा।
— शिवांश सिंह
Author | Writer | Storyteller