Poetry
तुम्हारी एक मुस्कुराती सी झलक
2026-09-18 00:00:00
दिन भर की थकान भी तब आराम दे जाती है,
जब तुम्हारी एक मुस्कुराती सी झलक सामने आ जाती है।
दिन भर की थकान मुझे तब आराम दे जाती है,
जब तुम्हारी एक मुस्कुराती सी झलक सामने आ जाती है।
भूल जाता हूँ सभी दुखों को तुमको यूँ देखकर,
सुकून से सो जाता हूँ तुमसे यूँ मिलकर।