प्रेम / शायरी
दीदार की चाहत ❤️
2026-09-18 00:00:00
कभी-कभी किसी अपने की एक झलक ही दिनभर की थकान और सारी बेचैनी को सुकून में बदल देती है। यह रचना उसी प्यार, इंतज़ार और प्यारी-सी नोकझोंक का एहसास है।
हमसे यूँ इतना रुख़्सत न हुआ करो,
आपके दीदार को हम तरस जाया करते हैं।
सामने आते ही हमेशा आपके नखरे यूँ बदल जाया करते हैं,
तो हम भी अपनी बातों से आपको मनाने में लग जाया करते हैं। ❤️