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Writings

Words & Thoughts

Stories, thoughts, poetry and reflections from Shivansh Singh.

बेचैन — एक कविता
Poetry

बेचैन — एक कविता

2026-09-13 00:00:00
कुछ एहसास, कुछ यादें और किसी के पास न होने का दर्द इंसान को भीतर तक बेचैन कर जाता है। “बेचैन” एक ऐसी कविता है, जिसमें प्रेम, याद, विरह और महादेव से अगले जन्म में अपने प्रिय के साथ की एक ख्वाहिश को शब्द दिए गए हैं।
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अपनों से उम्मीदें — जब अपने ही हाल पर छोड़ जाएँ
Shayari

अपनों से उम्मीदें — जब अपने ही हाल पर छोड़ जाएँ

2026-10-06 00:00:00
अपनों से उम्मीद, उनके करीब होने की चाहत और बार-बार टूटती उम्मीदों के दर्द को बयां करती शिवांश सिंह की भावपूर्ण हिंदी शायरी। यह रचना उस एहसास को व्यक्त करती है जब हम किसी को समझना चाहते हैं, लेकिन अंत में वही हमें हमार...
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मुकद्दर और अधूरी मोहब्बत पर शिवांश सिंह की हिंदी कविता
मोहब्बत / प्रेम

मुकद्दर को कहाँ पता कि तुम कहाँ जाओगे?

2026-09-23 00:00:00
कुछ मोहब्बतें मुकद्दर में नहीं होतीं, फिर भी उम्रभर दिल में रहती हैं... कुछ लोग दूर चले जाते हैं, मगर उनकी यादें कभी दूर नहीं जातीं। ❤️
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आधुनिक ज़माने के शिकवे — रिश्तों और जीवन की एक कड़वी सच्चाई
Hindi Poetry

आधुनिक ज़माने के शिकवे — रिश्तों और जीवन की एक कड़वी सच्चाई

2026-09-19 00:00:00
आधुनिक रिश्तों में बढ़ते शिकवों, बदलते लहज़ों और अपनों से बढ़ती दूरियों पर आधारित शिवांश सिंह की हिंदी कविता। यह रचना रिश्तों की सच्चाई, अकेलेपन और जीवन की अंतिम सच्चाई को भावपूर्ण तरीके से व्यक्त करती है।
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शरद पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण की भक्ति और चाँदनी को समर्पित हिंदी कविता — शिवांश सिंह
Hindi Poetry

शरद पूर्णिमा — अमृत बरसे जब गगन से 🌕🦚

2026-10-25 00:00:00
शरद पूर्णिमा की पावन चाँदनी, मन की शांति और श्रीकृष्ण के प्रति आस्था को समर्पित एक भावपूर्ण हिंदी कविता। — शिवांश सिंह
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सच कहूँ तो पता नहीं — क्या हो तुम मेरे लिए ❤️
Shayari

सच कहूँ तो पता नहीं — क्या हो तुम मेरे लिए ❤️

2026-10-23 00:00:00
शिवांश सिंह की एक छोटी-सी रोमांटिक हिंदी शायरी, जिसमें किसी ख़ास इंसान के प्रति अनकहे प्यार, उदासी में मिलने वाले सुकून और उसे ख़ुदा जैसा महसूस करने के एहसास को बयां किया गया है।
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कलयुग के रावण — क्या पुतले जलाने से पाप मिटेंगे?
Hindi Poetry

कलयुग के रावण — क्या पुतले जलाने से पाप मिटेंगे?

2026-10-19 00:00:00
दशहरे पर रावण का पुतला जलाने की परंपरा और मनुष्य के भीतर छिपी बुराइयों के बीच के अंतर को दर्शाती यह हिंदी कविता समाज में बढ़ते पाप, दिखावे और दोहरे चरित्र पर सवाल उठाती है। क्या केवल रावण का पुतला जलाने से बुराई समाप्...
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मासूमियत के पीछे छिपे नक़ाब — भरोसे की एक कड़वी सच्चाई
Shayari

मासूमियत के पीछे छिपे नक़ाब — भरोसे की एक कड़वी सच्चाई

2026-10-08 00:00:00
मासूम चेहरे और छिपी हुई असलियत पर आधारित यह कविता आज के दौर में बढ़ते दिखावे, झूठी अच्छाई और लोगों के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाती है।
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सब कुछ आपके हिसाब से हो — हर सोच सही हो, ये ज़रूरी तो नहीं
Shayari

सब कुछ आपके हिसाब से हो — हर सोच सही हो, ये ज़रूरी तो नहीं

2026-09-30 00:00:00
शिवांश सिंह की भावपूर्ण हिंदी शायरी, जो बताती है कि हर चीज़ हमारे हिसाब से हो, यह ज़रूरी नहीं। कभी-कभी हमारी चुप्पी हमें दुख देती है, लेकिन वही चुप्पी किसी और के लिए खुशी की वजह बन सकती है।
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अगर तुम मेरे हो — मोहब्बत में दर्द को समझना
Shayari

अगर तुम मेरे हो — मोहब्बत में दर्द को समझना

2026-09-28 00:00:00
शिवांश सिंह की भावपूर्ण हिंदी शायरी, जिसमें सच्ची मोहब्बत, दिल का दर्द, बेचैनी और बिना कहे अपने इंसान के दर्द को समझने की चाहत को व्यक्त किया गया है।
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दीदार की चाहत ❤️
प्रेम / शायरी

दीदार की चाहत ❤️

2026-09-18 00:00:00
कभी-कभी किसी अपने की एक झलक ही दिनभर की थकान और सारी बेचैनी को सुकून में बदल देती है। यह रचना उसी प्यार, इंतज़ार और प्यारी-सी नोकझोंक का एहसास है।
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खुद से नाराज़ हो क्या?

खुद से नाराज़ हो क्या?

2026-09-11 00:00:00
कभी-कभी इंसान भीड़ में रहकर भी अपने भीतर अकेला होता है। कुछ भाव ऐसे होते हैं जिन्हें कहने के लिए शब्द नहीं, बस किसी अपने की ज़रूरत होती
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प्राथमिकता
Thoughts

प्राथमिकता

2026-09-11 00:00:00
प्राथमिकता अक्सर उन्हें नहीं दी जाती, जो जरूरी होते हैं। वास्तव में प्राथमिकता उन्हें दी जाती है, जिनकी हमें जरूरत होती है।
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Thoughts

प्रेम — एक एहसास

2026-09-05 00:00:00
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