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Shayari

सब कुछ आपके हिसाब से हो — हर सोच सही हो, ये ज़रूरी तो नहीं

2026-09-30 00:00:00
सब कुछ आपके हिसाब से हो — हर सोच सही हो, ये ज़रूरी तो नहीं
शिवांश सिंह की भावपूर्ण हिंदी शायरी, जो बताती है कि हर चीज़ हमारे हिसाब से हो, यह ज़रूरी नहीं। कभी-कभी हमारी चुप्पी हमें दुख देती है, लेकिन वही चुप्पी किसी और के लिए खुशी की वजह बन सकती है।
सब कुछ आपके हिसाब से हो, ये मुमकिन तो नहीं, जो आप सोचें, वो सही हो, ये ज़रूरी तो नहीं। कभी-कभी आपकी चुप्पी आपको दुख दे जाएगी, लेकिन आपको क्या पता, यही चुप्पी किसी और को ख़ुश कर जाएगी। — शिवांश सिंह Author | Writer | Storyteller