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Hindi Poetry

कलयुग के रावण — क्या पुतले जलाने से पाप मिटेंगे?

2026-10-19 00:00:00
कलयुग के रावण — क्या पुतले जलाने से पाप मिटेंगे?
दशहरे पर रावण का पुतला जलाने की परंपरा और मनुष्य के भीतर छिपी बुराइयों के बीच के अंतर को दर्शाती यह हिंदी कविता समाज में बढ़ते पाप, दिखावे और दोहरे चरित्र पर सवाल उठाती है। क्या केवल रावण का पुतला जलाने से बुराई समाप्त हो जाएगी, या हमें अपने भीतर भी झाँकने की आवश्यकता है?
🔥 कलयुग के रावण — क्या पुतले जलाने से पाप मिटेंगे? 🔥 दशहरे के दिन जल तो जाएगा रावण, लेकिन मनुष्यों के बीच चल रहे पाप क्या मिटेंगे? एक पुतले को जला के ख़ुश तो हो जाओगे तुम, लेकिन क्या कलयुग के रावण भी मिटेंगे? भेष लिए विशेष कर रहे हैं अच्छा व्यवहार, लेकिन मन में पाप इतना, जिनके न जाने कितने प्रकार। — Shivansh Singh Author | Writer | Storyteller