Hindi Poetry
शरद पूर्णिमा — अमृत बरसे जब गगन से 🌕🦚
2026-10-25 00:00:00
शरद पूर्णिमा की पावन चाँदनी, मन की शांति और श्रीकृष्ण के प्रति आस्था को समर्पित एक भावपूर्ण हिंदी कविता। — शिवांश सिंह
🌕 अमृत बरसे जब गगन से 🦚
🌕 अमृत बरसे जब गगन से,
तो मिटे मन का सारा अँधेरा। ✨
ये शरदीय पूर्णिमा ऐसे आए,
जैसे इसके बाद हो एक सुंदर-सा सवेरा। 🌅
🌙 चाँद लगे आज इतना सुंदर,
जैसे धरती पर उतर आया हो करने भ्रमण। ✨
मिटे तन से सारे रोग,
मन से मिट जाएँ पाप सारे। 🙏
मन में बस एक आकांक्षा रहे,
श्रीकृष्ण का सहारा मिले सदैव हमारे। 🦚💙
इस पावन शरद पूर्णिमा पर सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और प्रेम का प्रकाश फैले।
🙏 राधे राधे! जय श्रीकृष्ण!
✍️ शिवांश सिंह
Author | Writer | Storyteller